Business Economics

Scope of Business economics in Hindi-

Scope of Business economics in Hindi
Written by maxinvention

इस Article में हम Scope of Business economics in Hindi (Business Economics का क्षेत्र )  के बारे में पढ़ेंगे। इससे पहले हम Business Economics की सारी जानकारी Share कर चुके है। यदि आपने उसे अभी तक नहीं पढ़ा है। तो पढ़ ले।

Business Economics की शाखा बहुत सारी Problems को शामिल करता है, जो किसी भी Firm और Organization में होती है। इसलिए Business Economics का Scope व्यापक है।

कोई भी Firm External और Internal दोनों तरह की Problem face कर सकती है। इसके कारण प्रत्येक Business के लिए अलग अलग Theories दी गयी है।

Microeconomics – Microeconomics Operational और Internal Issue में मदद करता है।

Macroeconomics –  Macroeconomics Environmental और External issue में मदद करता है।

Scope of Business Economics in Hindi

नीचे Scope of Business Economics बता रहा हूँ।

(1)Analysing demand and forecasting (मांग और पूर्वानुमान का विश्लेषण)

Demand का analysis buyer के व्यवहार को समझने के बारे में है। यह demand के preferences में changement के effects के साथ-साथ consumers की determinants की study करता है। इसके अलावा इन निर्धारकों में अच्छे की price, consumers की income, taste / preferences आदि शामिल हैं।

Forecasting demand एक ऐसी technique है जिसका उपयोग किसी अच्छी facility की future की demand assume लगाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा prediction उन reasons के पिछले व्यवहार पर depend है जो demand को effect करते हैं। 

(2)Production and cost analysis (उत्पादन और लागत विश्लेषण)

Production analysis से firm production के techniques से कुशल तरीके की पेशकश करने वाली उपयुक्त technique को choose कर सकती है। दूसरी ओर लागत analysis firm को लागत के व्यवहार की identification करने में सक्षम बनाता है। जब production time अवधि और संयंत्र के आकार जैसे कारक बदलते हैं। इसके अलावा इन दोनों analysis का उपयोग करके एक firm कम से कम संभव लागत पर इष्टतम production करके profit को अधिकतम कर सकती है।

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(3)Inventories management (सूची प्रबंधन)

Raw materials प्रगति पर work और ready products के रूप में inventory को बनाए रखने से जुड़ी costs को कम करने के लिए firm कुछ rules का use कर सकते हैं। इसके अलावा यह समझना important है कि inventories नीतियां एक firm की profitability को effect करती हैं। इसलिए economist ABC analysis और statistics model जैसे तरीकों का use करते हैं ताकि firm को inventory का इष्टतम stock बनाए रखने में मदद मिल सके।

(4) Market structure and price policies (बाजार संरचना और मूल्य निर्धारण नीतियां)

किसी भी firm को market में competition की extend और limit के बारे में जानने की जरूरत है। Market analysis का deep analysis यह जानकारी provide करता है। इसके अलावा इसकी मदद से firm को market में कीमतें निर्धारित करने की एक निश्चित capacity प्राप्त होती है। साथ ही यह जानकारी firm को दी गई Competitive market strategy के तहत बाजार प्रबंधन के लिए रणनीति बनाने में मदद करती है।

दूसरी ओर, मूल्य सिद्धांत, फर्म को यह समझने में मदद करता है कि विभिन्न प्रकार की बाजार स्थितियों के तहत कीमतें कैसे निर्धारित की जाती हैं। साथ ही, यह मूल्य निर्धारण नीतियां बनाने में फर्म की सहायता करता है।

5. Profit Analysis

Business Economics Profit Analysis Problem में काफी सहायता करता है। किसी भी Firm का Profit बहुत सरे Factors पे Depend करता है। Business Economics की Profit theories किसी Firm के Profit को मापने और manage करने में सहायता करता है।

6. Resource Allocation

Company के Resources को सही तरीके से Use करना समझना Business Economics Advance Tools जैसे Linear Programming को Use करके Resources का Best optimal Utilization Create करता है।

 

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